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12th ke baad kaun sa course karen कक्षा 12 के बाद सर्वश्रेष्ठ पाठ्यक्रम: विज्ञान, कला, वाणिज्य और करियर विकल्प31

12th के बाद कोर्स चुनना बिलकुल वैसा ही है जैसे शादी के लिए लड़का/लड़की चुनना – गलत चुनोगे तो जिंदगी भर रोना पड़ेगा चलो, साफ-साफ, देसी स्टाइल में समझाता हूँ कि आज के टाइम में क्या चल रहा है और तुम्हारे लिए क्या सही रह सकता है। कक्षा 12 के बाद सर्वश्रेष्ठ पाठ्यक्रम: विज्ञान, कला, वाणिज्य और करियर विकल्प 31 12वीं के बाद सही  कोर्स चुनना  एक अहम फैसला होता है जो आपके करियर की दिशा तय करता है। चाहे आप साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स स्ट्रीम से हों, पारंपरिक और उभरते हुए दोनों ही क्षेत्रों में अनगिनत अवसर उपलब्ध हैं। छात्र अक्सर सोचते हैं,  "12वीं के बाद क्या करें"  या  "12वीं के बाद कौन सा कोर्स सबसे अच्छा है?" यह ब्लॉग  12वीं के बाद साइंस कोर्स, 12वीं के बाद आर्ट्स कोर्स, 12वीं के बाद बिज़नेस स्टडीज़  और बहुत कुछ  के बारे में विस्तृत जानकारी देता है । भारत में कक्षा 12 के बाद सर्वश्रेष्ठ पाठ्यक्रम आपने 12वीं कक्षा में जो स्ट्रीम चुनी है, उसके आधार पर आप 12वीं के बाद कई तरह के   चुन सकते हैं । नीचे विज्ञान, कला और वाणिज्य के छात्रों के लिए उपलब्ध शीर...

khadya suraksha ki avashyakta kyon ha, खाद्य सुरक्षा: यह क्या है और यह अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करती है?

खाद्य सुरक्षा (Food Security) का मतलब है कि समाज के सभी लोगों को हर समय, पर्याप्त मात्रा में, सुरक्षित, पौष्टिक और उनकी सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य भोजन तक पहुँच हो, जिससे वे सक्रिय और स्वस्थ जीवन जी सकें। खाद्य सुरक्षा: यह क्या है और यह अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करती है? परिचय क्या आपने कभी सोचा है कि जब किसी घर में पूरे महीने की राशन लिस्ट बनाते समय चिंता हो कि “अगले हफ्ते क्या खाएंगे?” — यही चिंता है खाद्य असुरक्षा (Food Insecurity) । भारत जैसे कृषि-प्रधान देश में भी, जहाँ अनाज दुनिया भर को भेजा जाता है, वहीं लाखों परिवार दो समय की रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि खाद्य असुरक्षा सिर्फ़ गरीबी या भूख का दूसरा नाम नहीं है। यह एक बड़ी आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या है — जो किसी भी देश की प्रगति की राह में छुपा हुआ बम की तरह है। इस ब्लॉग में आप जानेंगे— खाद्य असुरक्षा क्या है (सरल भाषा में) इसके प्रकार, संकेत और कारण यह अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करती है भारत और दुनिया की वर्तमान स्थिति सरकार और समाज की भूमिका समाधान और आगे का रास्ता चलिए ...

Arthik samajshastra ki visheshtaen aur mahatva kya ha,आर्थिक समाजशास्त्र क्या है? उदाहरणों, सिद्धांतों और उपयोग के साथ गाइड

आर्थिक समाजशास्त्र समाजशास्त्र की एक प्रमुख शाखा है जो आर्थिक व्यवहार, आर्थिक संस्थाओं और आर्थिक प्रक्रियाओं का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से अध्ययन करती है। साधारण शब्दों में कहें तो यह अध्ययन करता है कि समाज, संस्कृति, सामाजिक संरचना, शक्ति संबंध, नेटवर्क, विश्वास, मूल्य और संस्थाएँ आर्थिक गतिविधियों को कैसे प्रभावित करती हैं, और इसके विपरीत आर्थिक प्रक्रियाएँ समाज को कैसे प्रभावित करती हैं। आर्थिक समाजशास्त्र क्या है? उदाहरणों, सिद्धांतों और उपयोग के साथ गाइड परिचय: आखिर आर्थिक समाजशास्त्र इतना ज़रूरी क्यों है? जब हम “अर्थशास्त्र” सुनते हैं तो हमारे दिमाग में क्या आता है? पैसा, बाज़ार, व्यापार, GDP, महंगाई आदि… और “समाजशास्त्र” सुनते ही दिमाग में क्या आता है? समाज, व्यवहार, रिश्ते, संस्कृति, मान्यताएँ… लेकिन ज़िंदगी में अर्थव्यवस्था और समाज दो अलग चीज़ें नहीं हैं—ये दोनों एक-दूसरे में घुली-मिली हुई हैं। यही बात आर्थिक समाजशास्त्र (Economic Sociology) समझाता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि: लोग आर्थिक फैसले कैसे लेते हैं? समाज और संस्कृति का बाज़ारों पर क्या असर होता है? कं...

mahagai ke karan parvab aur upay bataiye, महंगाई क्यों, कैसे और कब तक? समझिए आम आदमी की जुबानी

भाई, आजकल हर घर में एक ही चर्चा है, "ये महंगाई कब रुकेगी यार?" तो चलो, आज बिना किसी लेक्चरबाजी के, घर की बात की तरह समझते हैं कि ये महंगाई आती कहाँ से है, सरकारें क्या-क्या करती हैं इसे काबू करने के लिए, और असल में क्या काम करता है, क्या सिर्फ़ दिखावा है। महंगाई क्यों, कैसे और कब तक? (समझिए आम आदमी की जुबानी)    पोस्ट की रूप-रेखा महंगाई क्या होती है — एक झलक महंगाई की मुख्य वजहें (आसान भाषा में) सरकार / RBI क्या करते हैं — (उसे कहते हैं “नियंत्रण के उपाय”) क्या सच में काम करता है — और क्या सिर्फ दिखावा है? आम आदमी अब क्या कर सकता है? (यूज़र लेवल टिप्स) अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) निष्कर्ष (हमारा अनुभव + उम्मीदें) महंगाई क्या है? “महंगाई” (Inflation) का मतलब है — हर चीज़ के दाम धीरे-धीरे, लगातार बढ़ना। मतलब, आज ₹100 में जितना सामान मिलता था, कल उसी सामान के लिए हो सकता है ₹110 देना पड़े। मूलतः जब पैसा, मांग (demand), लागत (cost), और सप्लाई (supply) — इन तीनों में तालमेल नहीं रहा, तो महंगाई शुरू हो जाती है। महंगाई कहाँ से आती है — सरल कारण कारण कैसे दाम बढ़ाते हैं / महंगाई ...

mudrasfiti Ke Karan Prakar aur niyantran ke upay,मुद्रास्फीति के मुख्य कारण: उत्पादन लागत, मांग और नीतियां

मुद्रास्फीति यानी महंगाई क्यों बढ़ती है, इसे बहुत ही आसान और देसी भाषा में समझाता हूँ, जैसे घर में बड़े-बुजुर्ग समझाते हैं। संपूर्ण जानकारी के लिए लेख को पूरा पढ़ें।  मुद्रास्फीति के मुख्य कारण: उत्पादन लागत, मांग और नीतियां परिचय: नमस्ते दोस्तों! महंगाई की कहानी शुरू करते हैं… नमस्ते दोस्तों! आज हम बात करेंगे उस चीज़ की, जिसके बढ़ते ही हर किसी के चेहरे पर एक ही लाइन आती है— “सब महंगा हो गया!” लेकिन असल में कीमतें बढ़ती क्यों हैं? सिर्फ एक कारण नहीं—तीन बड़ी वजह हैं: उत्पादन लागत (Cost-Push Inflation) मांग बढ़ना (Demand-Pull Inflation) नीतियों का प्रभाव (Policy-Driven Inflation) इस पोस्ट में हम इन्हें आसान भाषा, उदाहरण और स्टोरी के साथ समझेंगे। अध्याय 1: मुद्रास्फीति क्या है? (What is Inflation?) सामान्य भाषा में— कीमतों का लगातार बढ़ना पैसे की क्रय शक्ति कम हो जाती है ₹100 में मिलने वाली चीज़ कुछ समय बाद ₹110–₹120 में मिलती है हल्की महंगाई ठीक, ज्यादा महंगाई खतरनाक सरल समझ: महंगाई = “सामान महंगा, पैसा कमजोर” अध्याय 2: उत्पादन लागत बढ़ने से महंगाई (Cost-...